🕉️ "गौ सेवा ही राष्ट्र सेवा" — बसामन मामा गौवंश वन्य विहार, पूर्व-रीवा (म.प्र.)

आध्यात्मिक पर्यटन

मुख्य पृष्ठ / आध्यात्मिक पर्यटन

गौतीर्थ

बसामन मामा गौशाला में आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाएं

🕉️

धार्मिक पर्यटकों के लिए गौवंश वन्य विहार को प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित किए जाने की अपार संभावनाएं हैं। यहाँ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान जैसे गौपूजन, जन्मदिन, शादी, पितृ संस्कार एवं श्राद्ध के अवसर पर गायों के लिए दान तथा उन्हें चारा-चोकर प्रदान करने का प्रबंध किया जा रहा है। हिंदुओं द्वारा किए जाने वाले अनुष्ठानों में गाय के गोबर, मूत्र एवं दूध को भी पवित्र वस्तुओं के रूप में उपयोग किया जाता है।

🐄

गौपूजन एवं संस्कार

जन्मदिन, विवाह, पितृ संस्कार व श्राद्ध जैसे अवसरों पर गौ-दान एवं गौपूजन की व्यवस्था।

🏡

रेस्ट हाउस बुकिंग

सहयोग राशि के माध्यम से समारोह एवं आयोजन हेतु रेस्ट हाउस का उपयोग किया जा सकता है।

🔥

यज्ञ प्रतिष्ठान

इच्छुक व्यक्ति सहयोग राशि द्वारा गौशाला में स्थापित यज्ञशाला का उपयोग कर सकते हैं।

पर्यटन हब योजना

रीवा जिला — पर्यटन हेतु सुगम पहुँच

🗺️

रीवा जिला हवाई, रेल एवं सड़क मार्ग से देश के प्रमुख नगरों से जुड़ा हुआ है। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार रीवा मुख्यालय से मात्र 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गौशाला में आए पर्यटकों को गौतीर्थ के अनुभव के साथ ही जिले के विभिन्न पर्यटक स्थलों की यात्रा भी कराई जा सकेगी।

पर्यटन स्थलगौशाला से दूरी
पुरवा जलप्रपात2 किलोमीटर
पियावन घिनौची धाम10 किलोमीटर
चचाई जलप्रपात15 किलोमीटर
क्योटी जलप्रपात29 किलोमीटर
रीवा का किला32 किलोमीटर
रानी तालाब32 किलोमीटर
गोविंदगढ़ पैलेस तालाब32 किलोमीटर
गैवीनाथ मंदिर32 किलोमीटर
देउर कोठार54 किलोमीटर
सफेद बाघ की सफारी (मुकुंदपुर)47 किलोमीटर
बहती जलप्रपात84 किलोमीटर
निकटवर्ती तीर्थ

प्रमुख तीर्थ एवं पर्यटन स्थलों की दूरी

🛕
धारकुडी आश्रम — 36 कि.मी.
रामवन — 45 कि.मी.
चित्रकूट — 95 कि.मी.
मैहर — 100 कि.मी.
परसली — 100 कि.मी.
प्रयागराज — 125 कि.मी.
पन्ना टाइगर रिजर्व — 147 कि.मी.
बांधवगढ़ — 169 कि.मी.
खजुराहो — 169 कि.मी.
संजय टाइगर रिजर्व — 200 कि.मी.
अमरकंटक — 230 कि.मी.
बनारस — 250 कि.मी.

इको-फ्रेंडली गोबर कॉटेज (प्रस्तावित)

🏕️

गौशाला में रुकने वाले पर्यटकों को प्राकृतिक, सस्टेनेबल, इको-फ्रेंडली तथा धार्मिक रूप से पवित्र वातावरण में ठहरने की सुविधा देने के लिए गोबर से बने हुए कॉटेज स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं, जो गौशाला में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे।

दौरे की योजना हेतु संपर्क करें
💬